Bekhud Dehelvi

@bekhud-dehelvi

Bekhud Dehelvi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Bekhud Dehelvi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

मुझ को न दिल पसंद न वो बे-वफ़ा पसंद दोनों हैं ख़ुद-ग़रज़ मुझे दोनों हैं ना-पसंद — Bekhud Dehelvi
मुँह फेर कर वो कहते हैं बस मान जाइए इस शर्म इस लिहाज़ के क़ुर्बान जाइए — Bekhud Dehelvi
सवाल-ए-वस्ल पर कुछ सोच कर उस ने कहा मुझ से अभी वा'दा तो कर सकते नहीं हैं हम मगर देखो — Bekhud Dehelvi

Ghazal

आशिक़ हैं मगर इश्क़ नुमायां नहीं रखते हम दिल की तरह गिरेबां नहीं रखते सर रखते हैं सर में नहीं सौदा-ए-मोहब्बत दिल रखते हैं दिल में कोई अरमां नहीं रखते नफ़रत है कुछ ऐसी उन्हें आशुफ़्ता-सरों से अपनी भी वो ज़ुल्फों को परेशां नहीं रखते रखने को तो रखते हैं ख़बर सारे जहाँ की इक मेरे ही दिल की वो ख़बर हाँ नहीं रखते घर कर गईं दिल में वो मोहब्बत की निगाहें उन तीरों का जख़्मी हूँ जो पैकां नहीं रखते दिल दे कोई तुम को तो किस उम्मीद पर अब दे तुम दिल तो किसी का भी मेरी जाँ नहीं रखते रहता है निगह-बान मेरा उन का तसव्वुर वो मुझ को अकेला शब-ए-हिज्रां नहीं रखते दुश्मन तो बहुत हज़रत-ए-नासेह हैं हमारे हाँ दोस्त कोई आप सा नादां नहीं रखते दिल हो जो परेशान तो दम भर भी ने ठहरे कुछ बाँध के तो गेसू-ए-पेचां नहीं रखते गो और भी आशिक़ हैं ज़माने में बहुत से ‘बे-ख़ुद की तरह इश्क़ को पिन्हाँ नहीं रखते — Bekhud Dehelvi