Ehsan Saqib

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Ehsan Saqib shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ehsan Saqib's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

याद आई जब मुझे 'फ़रहत' से छोटी थी बहन मेरे दुश्मन की बहन ने मुझ को राखी बाँध दी — Ehsan Saqib

Ghazal

Nazm

हम जानते हैं ये दुनिया हमें जीने नहीं देगी फ़ासले की दीवारें हम दोनों के दरमियान बढ़ती रहेंगी ये कैसा रिश्ता है हम दोनों अपने अपने एहसासात से वाक़िफ़ हैं मगर ये रस्म-ओ-रिवाज आदमी से आदमी की तफ़रीक़ के... हम दोनों महज़ अपनी आँखों के अलावा एक दूसरे को छू नहीं सकते आब-ए-ज़म-ज़म या गंगा-जल एक रंग, एक ख़ुमार और एक एहसास क्यूँँ न हम दोनों एक आफ़ाक़ी रिश्ते से मुंसलिक हो जाएँ ऐसे रिश्ते से कि जहाँ तलवारें झुक जाती हैं और अंगारे बन जाते हैं फूल और नीला आसमान मुस्कुरा उठता है आओ आज तुम मेरी कलाई में ये राखी बाँध दो हम दोनों अपनी अपनी अनोखी चाहत के हवाले से बन जाएँ जन्म जन्म के साथी अटूट हो जाएँगे जब फिर शायद ज़माना उँगली नहीं उठा सकेगा!! — Ehsan Saqib