Gaurav 'aatish'

Gaurav 'aatish'

@gaurav_aatish

Gaurav 'aatish' shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Gaurav 'aatish''s shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

ज़ेहन में महफ़ूज़ हैं काफ़िर अदाएँ हुस्न की दिल लिया करता है जिन के दम से ख़ल्वत के मज़े — Gaurav 'aatish'

Ghazal

सिरात-ए-इश्क़ पर देखा जो चल के मिले हम ख़ाक में आतिश में जल के गुल-ओ-बुलबुल से अपना वास्ता क्या हुए हैं हम जवाँ सहरा में पल के ज़ियादा-तर कटी है उम्र तन्हा मिले साथी मगर दो चार पल के मुझे सोने नहीं देती वो शब भर जगाती है जो फ़ित्ने शाम ढल के हर इक पर थी निगाह-ए-फ़ैज़ उन की हमीं थे रह गए जो हाथ मल के छुपे होते हैं ख़ंजर आस्तीं में मिलाना हाथ तो यारो सँभल के जो लब तक आ नहीं सकतीं वो आहें टपक जाती हैं आँखों से निकल के तलाश-ए-रिज़्क़ से फ़ुर्सत मिले गर तो रख दें हम ज़माने को बदल के मिरा दिल आज की फ़िक्रों में गुम है सजाऊँ ख़्वाब क्या 'आतिश' मैं कल के — Gaurav 'aatish'
शीशे के कार-ओ-बार में नुक़सान हो गया दिल आशिक़ी में टूट के बे-जान हो गया मैं हूँ तुम्हारी याद है बादल हैं अश्क हैं फिर इक हसीन शाम का सामान हो गया अब किस क़दर तवील है तारीकियों की रात हर ख़्वाब-ए-नूर-ए-सुब्ह परेशान हो गया भाती नहीं है सहन-ए-गुलिस्ताँ की रौनक़ें मैं जब से मस्त-ए-रंग-ए-बयाबान हो गया क़िस्मत का खेल है कि मसीहा मिला भी तो वो मेरा दर्द जान के अनजान हो गया हम-साए मुझ सेे नाम मिरा पूछते हैं अब या'नी मैं अपने घर में ही मेहमान हो गया इस में फ़रेब भी है तकब्बुर भी शर भी है होना था आदमी जिसे शैतान हो गया उस हुस्न की तलाश में फिरती है ये निगाह आईना जिस को देख के हैरान हो गया 'आतिश' किसी के ग़म ने ग़म-ए-जाँ भुलाया है जीना हमारे वास्ते आसान हो गया — Gaurav 'aatish'