Himanshu Kiran Sharma

Himanshu Kiran Sharma

@himanshu-kiran-sharma

Himanshu Kiran Sharma shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Himanshu Kiran Sharma's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

तुम को कोई बात बता कर जाने मुझ को क्या होता है तुम बस हाँ में हाँ करते हो, मेरा 'जी' हल्का होता है — Himanshu Kiran Sharma
भटकती फिर रही है आँख घर में तिरी आवाज़ इस को दिख रही है — Himanshu Kiran Sharma
कुछ भी नहीं तो पेड़ की तस्वीर ही सही घर में थोड़ी बहुत तो हरियाली चाहिए — Himanshu Kiran Sharma
मेरे दरवाज़े पे ख़ुशियाँ रास्ता तकती रही और हम कमरे से तेरी खिड़कियाँ तकते रहे — Himanshu Kiran Sharma

Ghazal

मेरे दरवाज़े पे ख़ुशियाँ रास्ता तकती रही और हम कमरे से तेरी खिड़कियां तकते रहे जिन से अपना राब्ता था वो हमारे न हुए और उन लोगों के हक़ में हम दुआ पढ़ते रहे इक नदी से ली नमी औ' पेड़ से ली शोखियाँ फिर तुम्हारी याद में हम आँख नम करते रहे पहले हम ने ग़म लिए फिर मोल ली ग़म की वज़ह फिर तिरी यादों से अपने ग़म को हम भरते रहे रोज़ जागे दिन निकाला शाम को रोके रहे जाने कैसे रात भर हम हर घड़ी मरते रहे वैसे हम ने सब लुटाया जो कमाया था कभी इक तिरे जाने के डर से कितना हम डरते रहे हम ने नींदों को सुलाया रोज़ गा के मर्सिया कब्र में अपनी मगर हम रात भर जगते रहे — Himanshu Kiran Sharma