Himayat Ali Shayar

Himayat Ali Shayar

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Himayat Ali Shayar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Himayat Ali Shayar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Shayari
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Sher

इस जहाँ में तो अपना साया भी रौशनी हो तो साथ चलता है — Himayat Ali Shayar
सिर्फ़ ज़िंदा रहने को ज़िंदगी नहीं कहते कुछ ग़म-ए-मोहब्बत हो कुछ ग़म-ए-जहाँ यारो — Himayat Ali Shayar

Ghazal

हर क़दम पर नित-नए साँचे में ढल जाते हैं लोग देखते ही देखते कितने बदल जाते हैं लोग किस लिए कीजे किसी गुम-गश्ता जन्नत की तलाश जब कि मिट्टी के खिलौनों से बहल जाते हैं लोग कितने सादा दिल हैं अब भी सुन के आवाज़-ए-जरस पेश ओ पस से बे-ख़बर घर से निकल जाते हैं लोग अपने साए साए सर-नहुड़ाए आहिस्ता ख़िराम जाने किस मंज़िल की जानिब आज कल जाते हैं लोग शम्अ' के मानिंद अहल-ए-अंजुमन से बे-नियाज़ अक्सर अपनी आग में चुप चाप जल जाते हैं लोग 'शाइ'र' उन की दोस्ती का अब भी दम भरते हैं आप ठोकरें खा कर तो सुनते हैं सँभल जाते हैं लोग — Himayat Ali Shayar