Javed Naseemi

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Javed Naseemi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Javed Naseemi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
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Sher

साथ चावल के ये कंकर भी निगल जाता है भूक में आदमी पत्थर भी निगल जाता है — Javed Naseemi
एक चेहरा है जो आँखों में बसा रहता है इक तसव्वुर है जो तन्हा नहीं होने देता — Javed Naseemi
जिसे न आने की क़स्में मैं दे के आया हूँ उसी के क़दमों की आहट का इंतिज़ार भी है — Javed Naseemi

Ghazal

बहुत मज़बूत लोगों को भी ग़ुर्बत तोड़ देती है अना के सब हिसारों को ज़रूरत तोड़ देती है झुकाया जा नहीं सकता जिन्हें जब्र-ओ-अदावत से उन्हें भी इक इशारे में मोहब्बत तोड़ देती है किसी के सामने जब हाथ फैलाती है मजबूरी तो उस मजबूर को अंदर से ग़ैरत तोड़ देती है तरस खाते हैं जब अपने सिसक उठती है ख़ुद्दारी हर इक ख़ुद्दार इंसाँ को इनायत तोड़ देती है समुंदर पार जा कर जो बहुत ख़ुश-हाल दिखते हैं ये उन के दिल से पूछो कैसे हिजरत तोड़ देती है निभाना दिल के रिश्तों को नहीं है खेल बच्चों का कि इन शीशों को इक हल्की सी ग़फ़लत तोड़ देती है — Javed Naseemi