Lokesh Singh

Lokesh Singh

@lokeshsi231139

Lokesh Singh shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Lokesh Singh's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

2

Content

28

Likes

12

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal

Sher

भूख ने है कर दिया नंगा जिसे उस बदन पे कितने छाले चाहिए — Lokesh Singh
बाँध दे शोर को पैरों तले अब तू भी बशर ज़िस्म को छोड़ के वीरान कहाँ जाता है — Lokesh Singh
तरसते है यहाँ पर सब ख़ुशी को किसी से अब नहीं शिकवा किसी को — Lokesh Singh
हुई है हाजिरी मेरी यहाँ झूटों की बस्ती में बहुत मुमकिन यहाँ सच बोलने में आज सर जाएँ — Lokesh Singh
ढूंढ कर लाओ उसे और जहाँ में भर दो आज दुनिया में फ़रिश्तों की जगह ख़ाली है — Lokesh Singh
इक तबाही गुजर रही अंदर देख क्या से क्या हो गया हूँ मैं — Lokesh Singh
किसी ने छुआ था मुझे ख़्वाब में कल उसी इक छुअन से पिघलने लगे है — Lokesh Singh
आँख को मलते हुए देखा गया है इक शजर चलते हुए देखा गया है — Lokesh Singh
पास रख सँभाल कर मेरे अदू इस तीर को रख लिया है बाँध कर मैं ने बदन से पीर को — Lokesh Singh
उस पे गुज़री है क्या शहर जाने के बा'द वो अभी तक न आया है आने के बा'द — Lokesh Singh
पास बैठे है मिरे कब से वो ख़ामोश बहुत अपनी पायल को जो छनकाए तो फिर शे'र कहें — Lokesh Singh
बढ़ता रहा बदन में मिरे शोर ज़ख़्म का मुझ सेे बदन का बच्चा सँभाला नहीं गया — Lokesh Singh
उम्र भर सामने नज़रो के उसे रखना था मैं ने उस चाँद की तस्वीर पे आँखें रख दी — Lokesh Singh
दिल में छुपी जो रह गई थी बात अभी तक करती रही अंदर मिरे बरसात अभी तक — Lokesh Singh
जलता रहा चराग़ बयाबान में जहाँ हम भी चले गए वहाँ पर बेबसी के साथ — Lokesh Singh
बसर होगी भला दुनिया में कैसे बदन से ही फ़क़ीरी जा रही है — Lokesh Singh
ज़ीस्त में जब भी कभी घबरा गया आप की मौजूदगी महसूस की — Lokesh Singh
जिस्म है ज़ख़्म से भरा पूरा उम्र भर का हिसाब हो जैसे — Lokesh Singh
आँखों में रेत रेत है जाए जिधर नज़र आँखों से हम ने इतने समुंदर बहा दिए — Lokesh Singh

Ghazal