Nashtar Khaanqahi

Nashtar Khaanqahi

@nashtar-khaanqahi

Nashtar Khaanqahi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Nashtar Khaanqahi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

अब तक हमारी उम्र का बचपन नहीं गया घर से चले थे जेब के पैसे गिरा दिए — Nashtar Khaanqahi

Ghazal

ख़ुश-फ़हमियों को दर्द का रिश्ता अज़ीज़ था काग़ज़ की नाव थी जिसे दरिया अज़ीज़ था ऐ तंगी-ए-दयार-ए-तमन्ना बता मुझे वो पाँव क्या हुए जिन्हें सहरा अज़ीज़ था पूछो न कुछ कि शहर में तुम हो नए नए इक दिन मुझे भी सैर ओ तमाशा अज़ीज़ था बे-आस इंतिज़ार ओ तवक़्क़ो बग़ैर शक अब तुम से क्या कहें हमें क्या क्या अज़ीज़ था वादा-ख़िलाफ़ियों पे था शिकवों का इंहिसार झूटा सही मगर मुझे वा'दा अज़ीज़ था इक रस्म-ए-बेवफ़ाई थी वो भी हुई तमाम वो यार-ए-बेवफ़ा मुझे कितना अज़ीज़ था यादें मुझे न जुर्म-ए-तअल्लुक़ की दें सज़ा मेरा कोई न मैं ही किसी का अज़ीज़ था — Nashtar Khaanqahi