Salik Lakhnavi

Salik Lakhnavi

@salik-lakhnavi

Salik Lakhnavi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Salik Lakhnavi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

साहिल पे क़ैद लाखों सफ़ीनों के वास्ते मेरी शिकस्ता नाव है तूफ़ाँ लिए हुए — Salik Lakhnavi
बहार-ए-गुलिस्ताँ हम को न पहचाने तअज्जुब है गुलों के रुख़ पे छिड़का है बहुत ख़ून-ए-जिगर हम ने — Salik Lakhnavi
चाहा था ठोकरों में गुज़र जाए ज़िंदगी लोगों ने संग-ए-राह समझ कर हटा दिया — Salik Lakhnavi
यूँँही इंसानों के शहरों में मिला अपना वजूद किसी वीराने में इक फूल खिला हो जैसे — Salik Lakhnavi

Ghazal

कही किसी से न रूदाद-ए-ज़िंदगी मैं ने गुज़ार देने की शय थी गुज़ार दी मैं ने मिरी वफ़ा हुई ता'लीम-ए-ख़ुद-सरी तुझ को तिरी जफ़ा से लिया दर्स-ए-ज़िंदगी मैं ने हुजूम-ए-यास में बर्बादी-ए-तमन्ना में सदा-ए-दोस्त सुनी है कभी कभी मैं ने वुफ़ूर-ए-जोश-ए-परस्तिश ने कर दिया मजबूर किसी को ढूँढ़ लिया बहर-ए-बंदगी मैं ने कभी यक़ीं तो बुतों को ख़ुदा बना डाला कभी गुमाँ तो ख़ुदा की नहीं सुनी मैं ने गुमाँ तो नज़्र-ए-ख़िरद काएनात कर डाली यक़ीं तो वक़्त की रफ़्तार रोक ली मैं ने गिराँ नहीं है ये सौदा कि दोस्ती में तिरी ख़रीद ली है ज़माने की दुश्मनी मैं ने — Salik Lakhnavi