Saqib lakhanavi

Saqib lakhanavi

@saqib-lakhanavi

Saqib lakhanavi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Saqib lakhanavi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
ज़माना बड़े शौक़ से सुन रहा था
हमीं सो गए दास्ताँ कहते कहते
Saqib lakhanavi
मुट्ठियों में ख़ाक ले कर दोस्त आए वक़्त-ए-दफ़्न
ज़िंदगी भर की मोहब्बत का सिला देने लगे
Saqib lakhanavi
जिस शख़्स के जीते जी पूछा न गया 'साक़िब'
उस शख़्स के मरने पर उट्ठे हैं क़लम कितने
Saqib lakhanavi
बू-ए-गुल फूलों में रहती थी मगर रह न सकी
मैं तो काँटों में रहा और परेशाँ न हुआ
Saqib lakhanavi
बाग़बाँ ने आग दी जब आशियाने को मिरे
जिन पे तकिया था वही पत्ते हवा देने लगे
Saqib lakhanavi
आधी से ज़ियादा शब-ए-ग़म काट चुका हूँ
अब भी अगर आ जाओ तो ये रात बड़ी है
Saqib lakhanavi
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