Shaikh Arhan

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@shaikharhan

Shaikh Arhan shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shaikh Arhan's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

जो नींद ने तस्कीन दी यूँॅं रात भर बाद-ए-सबा तू ख़ाक सब कुछ कर चली — Shaikh Arhan
पैर मन के जले यहाँ जब भी ज़ेहन मेरे वहाँ न यूँँ तपना — Shaikh Arhan
खेल सारे मुफ़्लिसी के ये निराले इन फटे कपड़ों ने रूही लोग पाले — Shaikh Arhan
थमने लग जाऍं जो क़दम तेरे हौसले में यूँँ पीठ को थपना — Shaikh Arhan
यूँँ क़त्ल हो जाती है ये ख़्वाहिश यहाँ अक्सर तवक़्क़ो इंतिज़ार-ए-इश्क़ से — Shaikh Arhan
यूँँ न कर ता'रीफ़ मेरी इतना अच्छा मैं नहीं जितना ये कहते हैं तुम को उतना सच्चा मैं नहीं — Shaikh Arhan

Ghazal

तेरे संग जो गुज़री वो हसीन गुज़री थी सच में ये अधूरी भी बेहतरीन गुज़री थी बे-असर था तब तो ये मेरा सर्द-कुन-आला वो जो रातें मस्ती में दिल-नशीन गुज़री थी यूँँ बहारें कहती थी ये सदा गुलिस्ताँ की कल यहाँ से जो तेरी हम-नशीन गुज़री थी मोतियों सी नूरानी ये चमकती आँखों से चाँदनी भी उस शब की कमतरीन गुज़री थी ले के बोसा-ए-आरिज़ ये लबों की लज़्ज़त से शर्म से भरी चुप्पी यूँ समीन गुज़री थी मेरी नक़्श-ए-मंज़िल पे तेरी रहनुमाई से घूमती हुई जैसे ये ज़मीन गुज़री थी बिन तिरे वो सागर की बहती ये रवानी की जिस्म छूती ये लहरें बदतरीन गुज़री थी — Shaikh Arhan