Shoaib Nizam

Shoaib Nizam

@shoaib-nizam

Shoaib Nizam shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shoaib Nizam's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

2

Content

4

Likes

28

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal

Sher

मियाँ बाज़ार को शर्मिंदा करना क्या ज़रूरी है कहीं इस दौर में तहज़ीब के ज़ेवर बदलते हैं — Shoaib Nizam
दरों को चुनता हूँ दीवार से निकलता हूँ मैं ख़ुद को जीत के इस हार से निकलता हूँ — Shoaib Nizam

Ghazal

दरों को चुनता हूँ दीवार से निकलता हूँ मैं ख़ुद को जीत के इस हार से निकलता हूँ तुझे शनाख़्त नहीं है मिरे लहू की क्या मैं रोज़ सुब्ह के अख़बार से निकलता हूँ मिरी तलाश में उस पार लोग जाते हैं मगर मैं डूब के इस पार से निकलता हूँ अजीब ख़ौफ़ है दोनों को क्या किया जाए मैं क़द में अपने ही सरदार से निकलता हूँ अब आगे फ़ैसला क़िस्मत पे छोड़ के मैं भी तिलिस्म-ए-साबित-ओ-सय्यार से निकलता हूँ सुनी है मैं ने किसी सम्त से वही आवाज़ सुनो मैं गर्दिश-ए-परकार से निकलता हूँ मिरी तलाश में वो भी ज़रूर आएगा सो मैं भी चश्म-ए-ख़रीदार से निकलता हूँ नतीजा जो भी हो जा-ए-अमाँ मिले न मिले मैं अब ख़राबा-ए-पुरकार से निकलता हूँ — Shoaib Nizam