Sultan Akhtar

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@sultan-akhtar

Sultan Akhtar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Sultan Akhtar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
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Sher

होने को इस सफ़र में बहुत राएगाँ हुए लेकिन हमें शिकस्त का नौहा न जानिए — Sultan Akhtar
फ़ुर्सत में रहा करते हैं फ़ुर्सत से ज़ियादा मसरूफ़ हैं हम लोग ज़रूरत से ज़ियादा — Sultan Akhtar
झूट रौशन है कि सच्चाई नहीं जानते हैं लोग अब वहम-ओ-गुमाँ को ही यक़ीं जानते हैं — Sultan Akhtar
मैं वो सहरा जिसे पानी की हवस ले डूबी तू वो बादल जो कभी टूट के बरसा ही नहीं — Sultan Akhtar

Ghazal

ख़्वाब आँखों से चुने नींद को वीरान किया इस तरह उस ने मुझे बे-सर-ओ-सामान किया ख़ाक-ए-वीराँ था फ़क़त हूँ कि सदा गूँजती थी मेरी वहशत ने बयाबाँ को बयाबान किया मैं ने इक शख़्स की शाइस्ता-मिज़ाजी के लिए अपनी हर ख़्वाहिश-ए-ख़ुश-रंग को क़ुर्बान किया उस ने जब चाक किया वज्द में पैराहन-ए-जाँ मैं ने भी नज़्र-ए-जुनूँ अपना गिरेबान किया उम्र भर ज़ब्त की दीवार न तोड़ी मैं ने आह खींची न कभी रंज का एलान किया अक्स-ए-हैरत के सिवा कुछ न था आईने में अपनी आँखों को बहुत मैं ने परेशान किया फिर भी तामीर-ए-तमन्ना की न तकमील हुई मैं ने आँगन को कभी दर कभी दालान किया बाँट दी लोगों में उस ने मेरी दरयूज़ा-गरी फिर मुझे 'अख़्तर'-ए-कम-माया से सुलतान किया — Sultan Akhtar