Zeb Ghauri

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@zeb-ghauri

Zeb Ghauri shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Zeb Ghauri's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

मैं तो चाक पे कूज़ा-गर के हाथ की मिट्टी हूँ अब ये मिट्टी देख खिलौना कैसे बनती है — Zeb Ghauri
जगमगाता हुआ ख़ंजर मिरे सीने में उतार रौशनी ले के कभी ख़ाना-ए-वीरान में आ — Zeb Ghauri

Ghazal

मुझ ऐसे वामांदा-ए-जाँ को बिस्तर-विस्तर क्या पल दो पल को मूँद लूँ आँखें वर्ना घर-वर क्या छोड़ो क्या रोना ले बैठे रंज-ओ-राहत का क़ैद ही जब ठहरी हस्ती तो बेहतर-वेहतर क्या मैं भी सर टकराता फिरा हूँ दीवारों से बहुत ढूँढ़ रहे हो इस गुम्बद में कोई दर-वर क्या आख़िर को थक-हार के मुझ को ज़मीं पर आना है ज़ोर-ओ-शोर-ए-बाज़ू कैसा शहपर-वहपर क्या मेरे क़लम ही से जब मेरा रिज़्क़ उतरता है जाना है इक कार-ए-ज़ियाँ को दफ़्तर-वफ़्तर क्या बालीदा बार-आवर होना मिट्टी हो जाना सरसब्ज़ी ज़रख़ेज़ी कैसी बंजर-वंजर क्या आब-ओ-सराब-ओ-ख़्वाब-ओ-हक़ीक़त एक से लगते हैं दीदा-वरी क्या आईना का जौहर-वौहर क्या मुझ को बहाए ले जाती है ख़ुद ही मौज मिरी मेरा रस्ता रोक सकेंगे पत्थर-वत्थर क्या रंग-ए-शफ़क़ सब्ज़े का नश्शा कुछ नहीं आँखों में दूर ख़ला में देख रहा हूँ मंज़र-वंज़र क्या मेरा और साहिल का रिश्ता कब का टूट चुका 'ज़ेब' कहाँ का ख़ेमा-ए-कश्ती लंगर-वंगर क्या — Zeb Ghauri