या आपकी क़दर रहे या आप बेअसर रहे
न बोले पर कहाँ हैं आप आपको ख़बर रहे
ये एक ऐसा खेल है जहाँ पे सिर्फ़ फ़ाएदा
यही तो राजनीति है इधर रहे उधर रहे
दुआ यही की जानी चाहिए थी 'इश्क़ में मगर
कहेंगे कैसे बात ये तू ख़ुश रहे जिधर रहे
करे नहीं कोई कभी भी बाद मेरे ख़ुदकुशी
चला भी जाऊॅं मैं ये बात मेरी बस अमर रहे
पुराने दर्द को वो याद कर के यूँँ निखर गया
मिला था दर्द जो नया वो बोला ये हुनर रहे
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