ye tum kis kii tamannaa kar rahe ho | ये तुम किस की तमन्ना कर रहे हो

  - jaani Aggarwal taak

ये तुम किस की तमन्ना कर रहे हो
जो हम को ही पराया कर रहे हो

वो मुड़ कर अब नहीं देखेगी तुमको
फ़क़त तुम वक़्त ज़ाया' कर रहे हो

ये दुनिया नोच खाएगी तुम्हें भी
कि जिसके साथ अच्छा कर रहे हो

भरोसा करना अच्छी बात है पर
किसी पर भी भरोसा कर रहे हो

मुहब्बत अब न हो पाएगी हम से
तुम इक मुर्दे को ज़िंदा कर रहे हो

नहीं हमदर्द कोई भी किसी का
भला तुम क्यूँ दिखावा कर रहे हो

  - jaani Aggarwal taak

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