dil todakar ke muskurana hai ada uski | दिल तोड़कर के मुस्कुराना है अदा उसकी

  - Manoj Devdutt

दिल तोड़कर के मुस्कुराना है अदा उसकी
फिर अश्क ख़ुद के ही बहाना है अदा उसकी

आँखें बड़ी हैं ख़ूबसूरत उसकी और उन
में
काजल को बाहर तक लगाना है अदा उसकी

उस सेे नज़र ही मत मिलाना अब कभी भी तुम
बस इक नज़र में दिल चुराना है अदा उसकी

जब उसकी चलती है नहीं मुझपर तभी आड़े
टेड़े से ही फिर मुँह बनाना है अदा उसकी

उसको हमेशा से नए आशिक़ की चाहत है
बोली नए दिल की लगाना है अदा उसकी

बस इक दफ़ा मिलकर महीनों हिज्र कटवाना
सब आशिक़ों को यूँँ सताना है अदा उसकी

सोना खरा है ये पता है अब उसे फिर भी
उस सोने को ही आज़माना है अदा उसकी

  - Manoj Devdutt

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