वो शख़्स था ज़हीन तो यादों में रख लिया
आँखों को उस के मैं ने तो आँखों में रख लिया
उस ने मिलाया हाथ कि ऐसा लगा मुझे
हाथों को उस के मैं ने तो हाथों में रख लिया
वो दिन ज़रूर आए मेरी ज़िंदगी में जब
मैं कह सकूँ कि उस को तो राहों में रख लिया
जब देखा उस को ऐसा लगा ख़्वाब में मैं हूँ
ख़्वाबों में उस को देख के ख़्वाबों में रख लिया
तस्वीर खींची साथ में मानो कि मैं ने फिर
तस्वीर के अलावा इरादों में रख लिया
— Raunak Karn















