safar men aise kaii marhale bhi aate hain | सफ़र में ऐसे कई मरहले भी आते हैं

  - Aabid Adeeb

सफ़र में ऐसे कई मरहले भी आते हैं
हर एक मोड़ पे कुछ लोग छूट जाते हैं

ये जान कर भी कि पत्थर हर एक हाथ में है
जियाले लोग हैं शीशों के घर बनाते हैं

जो रहने वाले हैं लोग उन को घर नहीं देते
जो रहने वाला नहीं उस के घर बनाते हैं

जिन्हें ये फ़िक्र नहीं सर रहे रहे न रहे
वो सच ही कहते हैं जब बोलने पे आते हैं

कभी जो बात कही थी तिरे तअ'ल्लुक़ से
अब उस के भी कई मतलब निकाले जाते हैं

  - Aabid Adeeb

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