क्या रखा है भला हवालों में
रुत बदल जाएगी सवालों में
हाए आँखों की मस्तियाँ तेरी
है कहाँ बात ये ग़ज़ालों में
जब सर-ए-शाम तेरी याद आई
फूल महके मिरे ख़यालों में
तुझ पे परियाँ भी रश्क करती हैं
ऐसी ख़ुशबू है तेरे बालों में
हम-सफ़र तुम जो मेरी हो जाओ
ज़ीस्त बीते मिरी उजालों में
याद रक्खेगा ये जहाँ 'रहबर'
नाम तेरा सदा हवालों में
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