पीटता हूँ हथौड़े से सोना
कौन मुझको सुनार बोलेगा
चाँद कितने क़रीब आया है
ये समंदर का ज्वार बोलेगा
मौत से पहले कब मरे माँ-बाप
चीख़ कर घर का द्वार बोलेगा
बात एक-एक मानी है उसकी
फिर भी बातें हज़ार बोलेगा
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