hone ko paas mere jaañ meri kya nahin hai | होने को पास मेरे जाँ मेरी क्या नहीं है

  - A R Sahil "Aleeg"

होने को पास मेरे जाँ मेरी क्या नहीं है
इक इश्क़ ही है तेरा मुझ को मिला नहीं है

जाँ तेरी बे-वफ़ाई अब उम्र भर डसेगी
अब इस से बढ़ के मेरी कोई सज़ा नहीं है

हर कोई कह रहा है दीवाना तेरा मुझको
है हाल इश्क़ में क्या मेरा छुपा नहीं है

तुम देख लेना इक दिन ये जान लेगा मेरी
इस दर्द-ए-इश्क़ की तो कोई दवा नहीं है

बर्बाद कर गई है तेरी ये बे-वफ़ाई
अब दिल के इस मकाँ में कुछ भी बचा नहीं है

था इल्म तुम करोगे इक रोज़ बे-वफ़ाई
तक़दीर-ए-इश्क़ था ये तुम से गिला नहीं है

कश्ती के डूबने में लहरों ने की थी साज़िश
साहिल की इस में सचमुच कोई ख़ता नहीं है

  - A R Sahil "Aleeg"

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