ham tum men kal doori bhi ho sakti hai | हम तुम में कल दूरी भी हो सकती है

  - Bedil Haidri

हम तुम में कल दूरी भी हो सकती है
वज्ह कोई मजबूरी भी हो सकती है

प्यार की ख़ातिर कुछ भी हम कर सकते हैं
वो तेरी मज़दूरी भी हो सकती है

सुख का दिन कुछ पहले भी चढ़ सकता है
दुख की रात उबूरी भी हो सकती है

दुश्मन मुझ पर ग़ालिब भी आ सकता है
हार मिरी मजबूरी भी हो सकती है

'बेदिल' मुझ में ये जो इक कमी सी है
वो चाहे तो पूरी भी हो सकती है

  - Bedil Haidri

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