Meaning of

अल्फाज़

alfaaz • الفاظ

शब्द; अभिव्यक्तियाँ

words; expressions

الفاظ; اظہار

Arabic

अगर पलक पे है मोती तो ये नहीं काफ़ी हुनर भी चाहिए अल्फ़ाज़ में पिरोने का — Javed Akhtar
हो गया ख़ामोश मैं भी देख लो आ कर सभी मर गया अल्फ़ाज़ को शीरीं बनाने का हुनर — Hameed Sarwar Bahraichi
उसी अंदाज़ में अल्फ़ाज़ के अश'आर सुनते हैं करें कोशिश बदलने की नए अलफ़ाज़ चुनते हैं — arjun chamoli
गूँथता रहता हूँ अल्फ़ाज़ को आटे की तरह बावुजूद इस के मुझे रोटी मुयस्सर न हुई — Ramnath Shodharthi
सजाता क्यूँँ बदन अल्फ़ाज़ से जज़्बात का अपने फ़क़त आँखों ही आँखों में नज़र पुर-आरज़ू होती — Karal 'Maahi'
कितने अल्फाज़ मचलते हैं सँवरने के लिए जब ख़यालों में कोई शे'र उभर आता है — SALIM RAZA REWA
मिरी ज़बान से अल्फ़ाज़ कोई निकले गर तिरी ज़बान सा अंदाज़-ए-गुफ़्तगू आए — Shivsagar Sahar

'अल्फाज़' केवल शब्द नहीं हैं; ये विचार और भावना के वाहक हैं। कविता में, ये अपने शाब्दिक अर्थ से परे जाकर अभिव्यक्ति की धड़कन बन जाते हैं, अनकहे का भार उठाते हुए।

कवि 'अल्फाज़' को अर्थ की जटिल बुनावट में बुनते हैं, जहाँ प्रत्येक शब्द भावना के कपड़े में एक धागा होता है। इनका उपयोग चित्रण उत्पन्न करने, आत्मा को झकझोरने और गहरी सच्चाइयों को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।

कविता में, 'अल्फाज़' कवि के दिल की मौन गूंज हैं, जो पाठक की आत्मा के साथ प्रतिध्वनित होती हैं।