Meaning of

आबरू

aabroo • رخ

सम्मान; प्रतिष्ठा; मर्यादा

honor; dignity; prestige

عزت; وقار; آبرو

Persian

वो दुल्हन बन के रुख़्सत हो गई है कहाँ तक कार का पीछा करोगे? — Zubair Ali Tabish
अब मैं समझा तिरे रुख़्सार पे तिल का मतलब दौलत-ए-हुस्न पे दरबान बिठा रक्खा है — Qamar Moradabadi
वहशत के कारखाने से ताज़ा ग़ज़ल निकाल ऐ सब्र के दरख़्त मेरा मीठा फल निकाल — Ammar Iqbal
क्यूँ लिखूँ ज़ुल्फ़-ओ-लब-ओ-रुख़सार पे नग़्में बहुत प्यार की पहली नज़र रुस्वाइयाँ ही क्यूँ लिखूँ — nakul kumar
रेल की सीटी में कैसे हिज्र की तम्हीद थी उस को रुख़्सत कर के घर लौटे तो अंदाज़ा हुआ — Parveen Shakir
ये किस के द्वार पे खड़ा ज़िंदा दरख़्त है इन पत्थरों के शहर में इंसान कौन है — nakul kumar

आबरू व्यक्ति की प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रतीक है, जो व्यक्तिगत और पारिवारिक गौरव को दर्शाता है। कविता में, यह गर्व और संवेदनशीलता के बीच के नाजुक संतुलन को दर्शाता है, जो व्यक्ति की छवि को जोड़ता है।

कवि अक्सर आबरू का उपयोग सम्मान और अपमान के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह प्रतिष्ठा की नाजुकता या चरित्र की मजबूती का प्रतीक हो सकता है। यह 'शर्म' जैसे शब्दों के साथ विपरीत होता है, जो व्यक्तिगत ईमानदारी के दांव को उजागर करता है।

आबरू मानवीय आत्मा की गरिमा की खोज का प्रमाण है। यह हमें सम्मान बनाए रखने के लिए लड़ी गई मौन लड़ाइयों की याद दिलाता है।