Meaning of

आमद

aamad • آمد

आगमन; आगाज़; प्रेरणा

arrival; advent; inspiration

آمد; آغاز; تحریک

Arabic

वो आमादा है रिश्ता तोड़ देने पर चलो झूठी दलीलें मान लेते हैं — Javed Aslam
ख़ास इतनी है नहीं आमद तुम्हारी फिर हमारे दिल की धड़कन क्यूँँ बढ़ी तब — Jagat Singh
सब्र पर दिल को तो आमादा किया है लेकिन होश उड़ जाते हैं अब भी तेरी आवाज़ के साथ — Aasi Uldani
सपने गए सुकून भी उल्फ़त चली गई मिलने की अपने आप से फ़ुर्सत चली गई मेरी तो बोलने की ही आदत चली गई तेरे ही साथ सारी शरारत चली गई खुशियांँ थीं उस सेे घर में थीं आंँगन में रौनकें बिटिया के साथ घर की भी बरकत चली गई छूटा तुम्हारा साथ तो बाक़ी ही क्या बचा दिल में जो पल रही थी वो हसरत चली गई आते नहीं फ़क़ीर न साइल भी आजकल माँ क्या गई कि घर की रिवायत चली गई मेरे सुख़न पे तू ने उठाईं जो उँगलियाँ मेरी तमाम उम्र की मेहनत चली गई यूँँंँ भी कभी जहान में इफ़रात में न थी थोड़ी बहुत थी वो भी सदाक़त चली गई होती नहीं है शे'र की आमद भी अब नज़र तुम क्या गए कि लफ़्ज़ की ताक़त चली गई — Nazar Dwivedi
मेरा दरवाज़ा खुला रह गया जिन की ख़ातिर उन की आमद न हुई, मेरा इशारा न हुआ — Javed Aslam

‘आमद’ शब्द किसी महत्वपूर्ण चीज़ के कोमल आगमन को दर्शाता है, जब साधारण को असाधारण द्वारा छुआ जाता है। कविता में, यह अक्सर प्रेरणा या प्रिय के आगमन का प्रतीक होता है, जो मौन से अभिव्यक्ति की ओर संक्रमण को चिह्नित करता है।

कवि 'आमद' का उपयोग प्रेरणा के आगमन को दर्शाने के लिए करते हैं। यह वसंत, एक नए विचार, या प्रेमी के आगमन को सूचित कर सकता है। यह 'रफ़त' के विपरीत है, जो प्रस्थान का संकेत देता है।

अपने सार में, 'आमद' शुरुआत की सुंदरता को पकड़ता है। यह आगमन की शक्ति की एक कोमल याद दिलाता है।