Meaning of

आस्ताँ

aastaan • آستاں

दहलीज़; चौखट

threshold; doorstep

آستاں; چوکھٹ

Persian

अब सोचते हैं लाएँगे तुझ सा कहाँ से हम उठने को उठ तो आए तिरे आस्ताँ से हम — Majrooh Sultanpuri
शहीदों ने लिखी ये दास्तान-ए-खूँ मुबारक हो मैं हिंदुस्तान हूँ हर दिल में ज़िंदा हूँ मुबारक हो — Ajeetendra Aazi Tamaam
दास्तान-ए-ज़िंदगी लुटना लुटाना रह गई चाबियाँ दी थी जिसे वो लूट कर सब ले गया — arjun chamoli
अश्क़-ओ-ख़ून घुलते हैं तब दीदा-ए-तर बनती है दास्तान इश्क़ में मरने से अमर बनती है — Jaani Lakhnavi
कहानी ज़िन्दगी की जल्द ही हो ख़त्म तो अच्छा बहुत लंबी हो कोई दास्तां तो बोझ लगती है — Prashant Sitapuri
सुनाई दास्ताँ-ए-दर्द-ए-दिल जो महफ़िल में तो लोग कहने लगे वाह वाह क्या कहने — Akash Rajpoot
क़ारी के हर गुमान से आगे निकल गया किरदार दास्तान से आगे निकल गया — Wajid Husain Sahil

आस्ताँ दहलीज़ को दर्शाता है, जो संक्रमण और प्रत्याशा का स्थान है। कविता में, यह ज्ञात और अज्ञात के बीच की सीमा का प्रतिनिधित्व करता है, एक ऐसा स्थान जहाँ सपने और वास्तविकता मिलते हैं।

कवि आस्ताँ का उपयोग संक्रमण और परिवर्तन के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर नए आरंभ, विकल्पों और अज्ञात में कदम रखने के साहस का प्रतीक होता है।

आस्ताँ जीवन की दहलीज़ों का काव्यात्मक प्रतीक है, जो हमें खुले दिल से अज्ञात को अपनाने के लिए आमंत्रित करता है।