
हमें अपने ग़ज़ल से दर्द ग़म तुझ को सुनाना है
बता दे दिल तुझे कितना अभी मुझ को रुलाना है
तिरी बातें यहाँ पे कौन अब बोलें भला रौनक
सभी को है यहाँ तकलीफ़, अपना आस्ताना है
— Raunak Karn
Other sher from the same pen
Shers of udas.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling