Meaning of

इख़्तियार

ikhtiyaar • اختیار

अधिकार; चुनाव; नियंत्रण

authority; choice; control

اختیار; انتخاب; کنٹرول

Arabic

दर्द ग़म परेशानी कुछ नहीं मुहब्बत में
काश वक़्त पर मेरा इख़्तियार कर लेतीं

आज ये मिरी वहशत भी मिरी ब-दौलत है
मौत पर ज़रा हम को याद यार कर लेतीं

4

Download Image

क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं
वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं
इश्क़ से बच कर भी बंदा कुछ नहीं होता मगर
ये भी सच है इश्क़ में बंदे का बचता कुछ नहीं

307

Download Image

अब अपना इख़्तियार है चाहे जहाँ चलें
रहबर से अपनी राह जुदा कर चुके हैं हम

31

Download Image

इस का अपनी ही रवानी पर नहीं है इख़्तियार
ज़िंदगी शिव की जटाओं में है गंगा की तरह

31

Download Image

उन्हीं के फ़ैज़ से बाज़ार-ए-अक़्ल रौशन है,
जो गाह गाह जुनूँ इख़्तियार करते रहे

21

Download Image

मुझे पसंद नहीं ऐसे कारोबार में हूँ
ये जब्र है कि मैं ख़ुद अपने इख़्तियार में हूँ

18

Download Image

ये प्यार, इश्क़, कौन कहता है के है ख़ता कोई
ऐ दोस्त! थोड़ा तो मगर अख़्त्यार होना चाहिए

मर जाना सिर्फ़ हुस्न पर तो अक़्लमंदी है नहीं
महबूब कोई हो मगर हुश्यार होना चाहिए

7

Download Image

सेठ बस साँसें हैं उस बेवा की गिरवी रखने को
यूँँ भी क्या बचता है मंगलसूत्र को दे देने से

5

Download Image

कोई ख़ुशियाँ कोई ख़्वाहिश तो उल्फ़त माँगता कोई
किसी पीपल के ज़रिये से भी मन्नत माँगता कोई

अगर आदम को ख़ुद पे इख़्तियार आ जाता तो मौला
न दुनिया में कोई आता न जन्नत माँगता कोई

5

Download Image

गली के मोड़ पे बच्चों के एक जमघट में
किसी ने दर्द-भरे लय में माहिया गाया

मुझे किसी से मोहब्बत नहीं मगर ऐ दिल
ये क्या हुआ कि तू बे-इख़्तियार भर आया

4

Download Image

दर्द ग़म परेशानी कुछ नहीं मुहब्बत में
काश वक़्त पर मेरा इख़्तियार कर लेतीं

आज ये मिरी वहशत भी मिरी ब-दौलत है
मौत पर ज़रा हम को याद यार कर लेतीं

4

Download Image

क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं
वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं
इश्क़ से बच कर भी बंदा कुछ नहीं होता मगर
ये भी सच है इश्क़ में बंदे का बचता कुछ नहीं

307

Download Image

मूल रूप में 'इख़्तियार' का अर्थ है निर्णय लेने की शक्ति या अधिकार। कविता में, यह अक्सर चुनाव और भाग्य के बीच के आंतरिक संघर्ष को दर्शाता है, जीवन की अनिश्चितताओं के बीच नियंत्रण की मानवीय इच्छा को उजागर करता है।

'इख़्तियार' का उपयोग कवि स्वतंत्रता और प्रतिबंध के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह चुनाव के बोझ या समर्पण में मिली मुक्ति को दर्शा सकता है। अक्सर भाग्य के विपरीत, यह स्वायत्तता पर एक चिंतन के रूप में कार्य करता है।

'इख़्तियार' नियंत्रण और समर्पण के बीच की नाजुक नृत्य को समेटे हुए है। यह हमें उस शक्ति पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है जो हमारे पास है और जो हम छोड़ देते हैं।