दर्द ग़म परेशानी कुछ नहीं मुहब्बत मेंकाश वक़्त पर मेरा इख़्तियार कर लेतींआज ये मिरी वहशत भी मिरी ब-दौलत हैमौत पर ज़रा हम को याद यार कर लेतीं— Sagar Sahab Badayuni