Meaning of

एहतराम

ehteraam • احترام

सम्मान; आदर

respect; esteem

عزت; احترام

Arabic

इश्क़ को पूछता नहीं कोई हुस्न का एहतिराम होता है — Asrar Ul Haq Majaz
फिर किसी के सामने चश्म-ए-तमन्ना झुक गई शौक़ की शोख़ी में रंग-ए-एहतराम आ ही गया — Asrar Ul Haq Majaz
बेशऊरों का है बोल बाला चुप तो पंडित लगाए हुए हैं — Navneet krishna
ज़माने वालों हमारा कुछ एहतराम करो हमारा नाता है फ़रहाद के क़बीले से — Shajar Abbas
सियासतदाँ भी हैरानो परेशाँ हैं कि कैसे दोस्त पंडित और मुसलमाँ हैं — Irshad Siddique "Shibu"
बा'द उस के दिल-नगर फिर बस गया एहतिरामन इक गली वीरान है — Vishal Bagh
गुल दूँ या पूरा गुलदस्ता दे आऊँ सब ज़ाया' है वो पंडित का बेटा भीतर अपनी जात ले आएगा — Bhoomi Srivastava
अब नहीं है याद उस को नाम हमारा करता था दिल से जो एहतिराम हमारा — Ammar 'yasir'

एहतराम गहरे सम्मान और आदर का भाव रखता है। अपने मूल में, यह किसी व्यक्ति या वस्तु को उच्च सम्मान में रखने की क्रिया को दर्शाता है। कविता अक्सर इस भावना को गहराई देती है, प्रशंसा और विनम्रता के बीच के नाजुक संतुलन का अन्वेषण करती है।

कवि 'एहतराम' का उपयोग गरिमा और अनुग्रह के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अक्सर 'तहक़ीर' के विपरीत होता है, जो तिरस्कार को दर्शाता है। यह शब्द प्रकृति में या जीवन के शांत क्षणों में पाई जाने वाली मौन श्रद्धा को भी दर्शा सकता है।

कविता में एहतराम आत्मा की सम्मान करने की क्षमता की कोमल फुसफुसाहट है। यह हमें सम्मान में निहित मौन शक्ति की याद दिलाता है।