सारे बुज़ुर्ग लोगों का सुन एहतराम करजो लायक़-ए-सलाम हैं उन को सलाम करबेदार हो के नींद से गफ़लत की ऐ शजरतू अपने बाबा जाँ का ज़माने में नाम कर— Shajar Abbas