Meaning of

कहकशाँ

kahkashaan • کہکشاں

आकाशगंगा; मिल्की वे

galaxy; milky way

کہکشاں; دودھیا راستہ

Persian

अज़ कबीर-ओ-रंग-ए-केसर और गुलाल अब्र छाया है सफ़ेद-ओ-ज़र्द-ओ-लाल — Faez Dehlvi
जब भी उस शोख़ लब-ए-लाल की लाली देखूॅं उस की हर दीद में ईद और दिवाली देखूॅं — 'June' Sahab Barelvi
कहकशाँ देख ज़मीं पर किसी मकतब जा कर कितने तारे तो चटाई पे पड़े मिलते हैं — Wajid Husain Sahil
ये आफ़ताब-ओ-क़मर कहकशाँ ख़ुदा की क़सम तुम्हारे चेहरा-ए-अनवर से नूर लेते हैं — Shajar Abbas

अपने मूल अर्थ में, 'कहकशाँ' ब्रह्मांड की विशालता और रहस्य को दर्शाता है, सितारों का एक आकाशीय मार्ग जो रात के आकाश में फैला होता है। कविता में, यह अनंत, अप्राप्य और उस दिव्य सुंदरता का प्रतीक बन जाता है जो मानव समझ से परे है।

'कहकशाँ' का उपयोग कवि अक्सर आश्चर्य और लालसा की भावना को जागृत करने के लिए करते हैं। यह सपनों, आकांक्षाओं या किसी की कल्पना की विशालता का प्रतीक हो सकता है। यह सांसारिक चिंताओं के विपरीत, अलौकिक और शाश्वत को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'कहकशाँ' हमें असीम और सुंदर की खोज करने के लिए आमंत्रित करता है, हमें तत्काल से परे देखने और अनंत को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।