Meaning of

खडा

khada • کھڑا

खड़ा; सीधा; तना हुआ

standing; upright; erect

کھڑا; سیدھا; تناؤ

Sanskrit

मैं तो ग़ज़ल सुना के अकेला खड़ा रहा सब अपने अपने चाहने वालों में खो गए — Krishna Bihari Noor
ये किस के द्वार पे खड़ा ज़िंदा दरख़्त है इन पत्थरों के शहर में इंसान कौन है — nakul kumar
सर्दी है कि इस जिस्म से फिर भी नहीं जाती सूरज है कि मुद्दत से मिरे सर पर खड़ा है — Fakhr Zaman
मुझे डर ही नहीं बिल्कुल किसी का मिरे जब साथ में मौला खड़ा है — Amaan Pathan
खड़ा हूँ आज भी रोटी के चार हर्फ़ लिए सवाल ये है किताबों ने क्या दिया मुझ को — Nazeer Baaqri
गुज़िश्ता साल शायद ठीक से मारा नहीं था ये रावण इस बरस फिर सामने तनकर खड़ा है — Bhaskar Shukla
मैं बाग़ में जिस जगह खड़ा हूँ हर फूल से काम चल रहा है — Shaheen Abbas
सदियों से किनारे पे खड़ा सूख रहा है इस शहर को दरिया में गिरा देना चाहिए — Mohammad Alvi

'खड़ा' उपस्थिति और दृढ़ता की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर शक्ति, दृढ़ संकल्प, और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता का प्रतीक होता है।

कवि 'खड़ा' का उपयोग अटल संकल्प को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह एक चरित्र की नैतिक स्थिति, प्रकृति की स्थिरता, या मानवता की स्थायी भावना को चित्रित कर सकता है।

खड़ा स्थायी भावना का प्रमाण है, जड़ें जमाए हुए फिर भी आसमान की ओर बढ़ता हुआ।