Meaning of
ख़ौफ़
khauf • خوف
Hindi
भय; डर; चिंता
English
fear; dread; anxiety
Urdu
خوف; ڈر; تشویش
Origin
Arabic
Ash'aar
Nuance
ख़ौफ़ एक अदृश्य उपस्थिति का भार लिए होता है, मन के कोनों में छिपी छाया। कविता में, यह मात्र भय से परे जाकर मानव स्थिति पर गहरा चिंतन बन जाता है, जहाँ अज्ञात और अनिवार्य आपस में मिलते हैं।
Poetic Usage
कवि अक्सर ख़ौफ़ का उपयोग अस्तित्वगत भय और जीवन की नाजुकता के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह एक अंधेरी रात के मौन आतंक या अनिश्चित भविष्य की शांत चिंता को जागृत कर सकता है।
Closing Insight
ख़ौफ़ आत्मा के गहरे भय का दर्पण है, हर प्रकाश के साथ चलने वाली छायाओं की याद दिलाता है।