Meaning of

ख़्वान

khwaan • خوان

मेज़; भोजन की चादर

table; dining spread

خوان; دسترخوان

Persian

किसी भूके से मत पूछो मोहब्बत किस को कहते हैं कि तुम आँचल बिछाओगे वो दस्तर-ख़्वान समझेगा — Zubair Ali Tabish
जाने क्या क्या ज़ुल्म परिंदे देख के आते हैं शाम ढले पेड़ों पर मर्सिया-ख़्वानी होती है — Afzal Khan
ऐ परिंदों आनकर बैठो सर-ए-शाख़-ए-अज़ा हम दरख़्तों को शऊर-ए-मर्सिया ख़्वानी भी है — Amaan Haider
जाने क्या क्या ज़ुल्म परिंदे देख के आते हैं शाम ढले पेड़ों पर मर्सिया-ख़्वानी होती है — Afzal Khan
बिक जाता है फिर ऐसे लोगों का ईमान जो घूस भी खाते हैं दसतरख़्वान पर — Amaan mirza
सच बताओं मर्सिया-ख़्वानी किसे मालूम है आँख से बहता हुआ पानी किसे मालूम है — Manohar Shimpi

मूल रूप से, यह वह स्थान दर्शाता है जहाँ भोजन परोसा जाता है। कविता में, यह आतिथ्य, प्रचुरता, और प्रियजनों के एकत्र होने का प्रतीक हो सकता है।

कवि इसे दावतों और सामूहिक आनंद की छवियों को उभारने के लिए उपयोग करते हैं। यह एकांत और कमी के विपरीत है।

एकत्र होने का प्रतीक, यह हृदय की जुड़ने की इच्छा को व्यक्त करता है।