Meaning of

खुम

kham • خم

वक्र; मोड़; मरोड़

curve; bend; twist

خم; موڑ; پیچ

Arabic

जो दुनिया को सुनाई दे उसे कहते हैं ख़ामोशी जो आँखों में दिखाई दे उसे तूफ़ान कहते हैं — Rahat Indori
मैं ने चाहा था ज़ख़्म भर जाएँ ज़ख़्म ही ज़ख़्म भर गए मुझ में — Ammar Iqbal
किसी के ज़ख़्म पर चाहत से पट्टी कौन बाँधेगा अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बाँधेगा — Munawwar Rana
तेरे लगाए हुए ज़ख़्म क्यूँँ नहीं भरते मेरे लगाए हुए पेड़ सूख जाते हैं — Tehzeeb Hafi
लोग काँटों से बच के चलते हैं मैं ने फूलों से ज़ख़्म खाए हैं — Unknown
तुम बड़े अच्छे वक़्त पर आए आज इक ज़ख़्म की ज़रूरत थी — Zubair Ali Tabish

'खुम' शब्द एक कोमल वक्र या सूक्ष्म मोड़ का सुझाव देता है, अक्सर किसी रूप की सुंदरता या स्थिति की जटिलता का वर्णन करने के लिए उपयोग होता है। कविता में, यह घुमावदार रास्तों या प्रिय के भौंह के सुंदर वक्र की छवि प्रस्तुत करता है।

कवि 'खुम' का उपयोग अपूर्णता में सुंदरता, अप्रत्याशित के आकर्षण को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह भाग्य के उतार-चढ़ाव या मानव भावना की नाजुक जटिलताओं का प्रतीक हो सकता है।

कविता में, 'खुम' हमें जीवन के वक्रों में पाई जाने वाली सुंदरता और इसकी अप्रत्याशितता की याद दिलाता है।