Meaning of

ख्वा़हिश

khwaahish • خواہش

इच्छा; अभिलाषा; लालसा

desire; wish; longing

خواہش; آرزو; تمنا

Arabic

इंसाँ की ख़्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं
दो गज़ ज़मीं भी चाहिए दो गज़ कफ़न के बा'द

49

Download Image

मेरा अरमान मेरी ख़्वाहिश नहीं है
ये दुनिया मेरी फ़रमाइश नहीं है

मैं तेरे ख़्वाब वापस कर रहा हूँ
मेरी आँखों में गुंजाइश नहीं है

89

Download Image

जान-लेवा थीं ख़्वाहिशें वर्ना
वस्ल से इंतिज़ार अच्छा था

74

Download Image

मेरे होंटों पे किसी लम्स की ख़्वाहिश है शदीद
ऐसा कुछ कर मुझे सिगरेट को जलाना न पड़े

69

Download Image

दबी कुचली हुई सब ख़्वाहिशों के सर निकल आए
ज़रा पैसा हुआ तो च्यूँँटियों के पर निकल आए

अभी उड़ते नहीं तो फ़ाख़्ता के साथ हैं बच्चे
अकेला छोड़ देंगे माँ को जिस दिन पर निकल आए

63

Download Image

बो देता है ख़्वाहिश फिर रोता है सातों दिन
अपना मन ही हर ग़म का गहवारा होता है

62

Download Image

क्या हुआ जो मुझे हम-उम्र मोहब्बत न मिली
मेरी ख़्वाहिश भी यही थी कि बड़ी आग लगे

62

Download Image

इतने अफ़सुर्दा नहीं हैं हम कि कर लें ख़ुद-कुशी
और न इतने ख़ुश कि सच में मरने की ख़्वाहिश न हो

62

Download Image

मेरी ख़्वाहिश है कि आँगन में न दीवार उठे
मेरे भाई मेरे हिस्से की ज़मीं तू रख ले

55

Download Image

धूप को साया ज़मीं को आसमाँ करती है माँ
हाथ रख कर मेरे सर पर सायबाँ करती है माँ

मेरी ख़्वाहिश और मेरी ज़िद उस के क़दमों पर निसार
हाँ की गुंज़ाइश न हो तो फिर भी हाँ करती है माँ

49

Download Image

इंसाँ की ख़्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं
दो गज़ ज़मीं भी चाहिए दो गज़ कफ़न के बा'द

49

Download Image

मेरा अरमान मेरी ख़्वाहिश नहीं है
ये दुनिया मेरी फ़रमाइश नहीं है

मैं तेरे ख़्वाब वापस कर रहा हूँ
मेरी आँखों में गुंजाइश नहीं है

89

Download Image

अपने मूल में, 'ख्वाहिश' एक गहरी इच्छा या लालसा को दर्शाता है, एक ऐसी तड़प जो हृदय को सपनों और आकांक्षाओं की ओर अग्रसर करती है। कविता में, यह प्रेम, संतोष, और अप्राप्य की बेचैन खोज को मूर्त रूप देता है।

कवि अक्सर 'ख्वाहिश' को मानव क्रियाओं और भावनाओं के पीछे की प्रेरक शक्ति के रूप में खोजते हैं। यह जुनून की चिंगारी है, वह मौन इच्छा जो आत्मा की यात्रा को ईंधन देती है। यह संतोष के विपरीत है, अधिक की अनंत खोज को उजागर करता है।

'ख्वाहिश' में, मानव आकांक्षा का सार निहित है, हमारे अस्तित्व को आकार देने वाले सपनों की याद दिलाता है। यह हृदय की गहरी इच्छाओं की कविता है।