Meaning of

गज़ल-गोई

ghazal-goi • غزل گوئی

ग़ज़ल लेखन; ग़ज़ल रचने की कला

ghazal writing; art of composing ghazals

غزل لکھنا; غزل کی تخلیق کا فن

Persian

दर्द-ए-दिल रह रह तसव्वुर होते है जी
ये ग़ज़ल-गोई मियाँ आसान है क्या

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ये ग़ज़लगोई शय तो ठीक है पर
एक ख़तरा है जान जाने का

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सिवाए तालियों के कुछ नहीं मिलता
ग़ज़लगोई फ़क़त धंधा सुकूँ का है

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हो कर जुदा तुम सेे ग़ज़ल-गोई नहीं होगी कभी
हाँ बा'द तेरे दिल में फिर कोई नहीं होगी कभी

खु़द को तसल्ली दे रहा है बोल कर 'राही' यही
शायद बिछड़ने बा'द वो सोई नहीं होगी कभी

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ये ग़ज़लगोई नहीं आसान सलमा
ये ग़ज़लगो के सिवा कोई न जाने

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जौन को पढ़ कर ये अंदाज़ा हुआ
बहर में लिखना ग़ज़ल-गोई नहीं

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जिसे तुम ढूँढती रहती हो मुझ में
ग़ज़ल-गोई के शाने लग गया वो

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हम बहुत देर से सीखे हैं ग़ज़ल-गोई मियाँ
क़ाश आती ये जवानी में तो अच्छा होता

ज़ख़्म जो उस ने दिए हैं मैं उन्हें सी कर फिर
डूबता उस की रवानी में तो अच्छा होता

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दर्द-ए-दिल रह रह तसव्वुर होते है जी
ये ग़ज़ल-गोई मियाँ आसान है क्या

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ये ग़ज़लगोई शय तो ठीक है पर
एक ख़तरा है जान जाने का

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‘ग़ज़ल-गोई’ शब्द उस नाज़ुक कला को दर्शाता है जिसमें भावनाओं को ग़ज़ल के संरचित रूप में पिरोया जाता है। यह केवल भाषाई कौशल ही नहीं, बल्कि मानवीय भावनाओं की गहरी समझ और उन्हें कुछ मार्मिक पंक्तियों में व्यक्त करने की क्षमता की मांग करता है।

कवि अक्सर 'ग़ज़ल-गोई' का उपयोग ग़ज़ल रचने में आवश्यक कौशल और शिष्टता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह शब्द केवल लेखन की क्रिया को नहीं, बल्कि प्रेम, हानि और तड़प के विषयों के साथ आत्मीय जुड़ाव को दर्शाता है।

कविता की दुनिया में, 'ग़ज़ल-गोई' शब्दों और भावनाओं के शाश्वत नृत्य का प्रमाण है।