Meaning of

ग़ज़ल

ghazal • غزل

गीतिका; प्रेम कविता

lyric poem; love poem

غزل; محبت کی نظم

Arabic

लिपट जाता हूँ माँ से और मौसी मुस्कुराती है मैं उर्दू में ग़ज़ल कहता हूँ हिंदी मुस्कुराती है — Munawwar Rana
ज़िक्र तुम्हारा बहुत ज़रूरी इन ग़ज़लों में जानेमन चाय बिना अदरक को डाले अच्छी थोड़ी बनती है — Tanoj Dadhich
इतनी मिलती है मिरी ग़ज़लों से सूरत तेरी लोग तुझ को मिरा महबूब समझते होंगे — Bashir Badr
आप की आँखें अगर शे'र सुनाने लग जाएँ हम जो ग़ज़लें लिए फिरते हैं, ठिकाने लग जाएँ — Rehman Faris
ग़ज़ल की नाव में बैठे हुए हम तेरे ग़म से किनारा कर रहे है — Rohit Gustakh
उस ने मेरा माथा चूमा और वापस जाने को थी मैं ने बोला शे'र नहीं तू मुझ को पूरी ग़ज़ल सुना — Tanoj Dadhich

'ग़ज़ल' मूल रूप से एक गीतात्मक कविता का रूप है, जो प्रेम, हानि और लालसा के सार को पकड़ती है। यह दिल का संवाद है, जहाँ भावनाएँ एक कोमल धारा की तरह बहती हैं, जुनून और उदासी की कहानियाँ बुनती हैं।

कवि 'ग़ज़ल' का उपयोग अप्राप्त प्रेम, आध्यात्मिक लालसा, और क्षणिक पलों की सुंदरता की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रेम की खुशी और जुदाई के दर्द के बीच विरोधाभास प्रस्तुत करती है।

'ग़ज़ल' शब्दों का एक शाश्वत नृत्य है, जो दिल के गहरे रहस्यों को पकड़ता है।