Meaning of

ग़मे

gham-e • غم

का दुःख; का ग़म

sorrow of; grief of

کا غم; کا دکھ

Persian

जौन तुम्हें ये दौर मुबारक, दूर ग़म-ए-अय्याम से हो एक पागल लड़की को भुला कर अब तो बड़े आराम से हो — Jaun Elia
ग़म-ए-फ़ुर्क़त का शिकवा करने वाली मेरी मौजूदगी में सो रही है — Jaun Elia
ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया — Sahir Ludhianvi
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है — Faiz Ahmad Faiz
कैसा दिल और इस के क्या ग़म जी यूँँ ही बातें बनाते हैं हम जी — Jaun Elia

'ग़मे' शब्द एक गहरे व्यक्तिगत दुःख या ग़म का आभास कराता है, जो अक्सर किसी विशेष कारण या घटना से जुड़ा होता है। कविता में, यह व्यक्तिगत और सामूहिक भावनाओं के बीच एक पुल बनाते हुए, हानि और लालसा के सार्वभौमिक मानव अनुभव को समेटता है।

कवि अक्सर 'ग़मे' का उपयोग अनकहे दुःखों के भार को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह हृदय में छुपे हुए बोझ का प्रतीक हो सकता है। यह आनंद के शब्दों के विपरीत, मानव भावनाओं की गहराई को उजागर करता है।

कविता में, 'ग़मे' आत्मा के अनकहे दुःखों का एक माध्यम बन जाता है, जो स्थायी मानव आत्मा का मौन प्रमाण है।