raam hone mein ya raavan mein hai antar itna | राम होने में या रावण में है अंतर इतना

  - Kumar Vishwas

राम होने में या रावण में है अंतर इतना
एक दुनिया को ख़ुशी दूसरा ग़म देता है

हम ने रावण को बरस दर बरस जलाया है
कौन है वो जो इसे फिर से जनम देता है

  - Kumar Vishwas

Udas Shayari

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