Meaning of

ग़मो

ghamo • غموں

दुःख; पीड़ा

sorrows; griefs

غم; دکھ

Arabic

बदल गए मेरे मौसम तो यार अब आए ग़मों ने चाट लिया ग़म-गुसार अब आए — Farhat Abbas Shah
दीदनी है शिकस्तगी दिल की क्या इमारत ग़मों ने ढायी है! — Meer Taqi Meer
जो उस तरफ़ से इशारा कभी किया उस ने मैं डूब जाऊँगा दरिया को पार करते हुए — Ghulam Murtaza Rahi
ख़ुशी की बात और है ग़मों की बात और तुम्हारी बात और है हमारी बात और — Anwar Taban
आप कहिए तो सही 'पास नहीं रहना है' मैं बहुत दूर बहुत दूर चला जाऊँगा! — Atul K Rai
ये कह के दिल ने मिरे हौसले बढ़ाए हैं ग़मों की धूप के आगे ख़ुशी के साए हैं — Mahirul Qadri
ग़मों को बेच रहा हूँ मैं इस लिए शायद कहा था बाप ने पैसा बहुत ज़रूरी है — Amaan Pathan
ग़मों की नमी भी फिर उड़ने लगेगी चराग़ एक दिल में जलाओ कभी तुम — Amaan Pathan

'ग़मो' शब्द गहरे दुःख और उदासी की भावना को जागृत करता है। अपने मूल अर्थ में, यह दिल के बोझों का उल्लेख करता है, जो एकांत के मौन साथी होते हैं। कविता ने इस शब्द को मानव पीड़ा की गहराइयों को खोजने के लिए अपनाया है, अक्सर इसे आत्मा में मंडराते हुए एक छाया के रूप में दर्शाया है।

कवि अक्सर 'ग़मो' का उपयोग अनकहे दुःखों के भार को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह ग़ज़लों में प्रिय है, जहाँ यह क्षणिक खुशियों के विपरीत होता है। यह शब्द मौन आँसुओं और अनकहे विलापों की तस्वीर खींचता है।

कविता की दुनिया में, 'ग़मो' दुःख के साझा मानव अनुभव की याद दिलाता है। यह दिल की सहनशीलता का प्रमाण है।