ज़िन्दगी के मसअलों पर मुस्कुरा या'नी अपने सब ग़मों पर मुस्कुरागर जो चाहा वो न तुझ को मिल सकेअपनी घटती ख़्वाहिशों पर मुस्कुरा— Sanskriti Shree