Meaning of

ग़र्ज़

ghaz • غرض

उद्देश्य; इरादा; लक्ष्य

purpose; intention; aim

مقصد; ارادہ; ہدف

Arabic

मैं कि काग़ज़ की एक कश्ती हूँ पहली बारिश ही आख़िरी है मुझे — Tehzeeb Hafi
आप की आँखें अगर शे'र सुनाने लग जाएँ हम जो ग़ज़लें लिए फिरते हैं, ठिकाने लग जाएँ — Rehman Faris
लिपट जाता हूँ माँ से और मौसी मुस्कुराती है मैं उर्दू में ग़ज़ल कहता हूँ हिंदी मुस्कुराती है — Munawwar Rana
इतनी मिलती है मिरी ग़ज़लों से सूरत तेरी लोग तुझ को मिरा महबूब समझते होंगे — Bashir Badr
चाँद सा मिस्रा अकेला है मिरे काग़ज़ पर छत पे आ जाओ मिरा शे'र मुकम्मल कर दो — Bashir Badr

'ग़र्ज़' शब्द दिशा और ध्यान का भाव देता है। यह उन आंतरिक प्रेरणाओं की बात करता है जो कार्यों और निर्णयों को प्रेरित करती हैं। कविता में, यह एक लेंस बन जाता है जिसके माध्यम से कवि मानव इच्छा और महत्वाकांक्षा की गहरी धाराओं की जांच करता है।

कवि अक्सर 'ग़र्ज़' का उपयोग महत्वाकांक्षा और लालसा के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह उन छंदों में दिखाई देता है जो इच्छा की प्रकृति और इसे पूरा करने के लिए चुने गए रास्तों पर सवाल उठाते हैं। यह शब्द मानव प्रयासों की महानता और मूर्खता दोनों को उजागर कर सकता है।

कविता में, 'ग़र्ज़' एक दर्पण है जो मानव अनुभव को आकार देने वाली आकांक्षाओं और इच्छाओं को दर्शाता है। यह आत्मनिरीक्षण और रहस्योद्घाटन का शब्द है।