Meaning of

ग़ुरूर

ghuroor • غرور

गर्व; अहंकार

pride; arrogance

غرور; تکبر

Arabic

आप की सादा दिली ख़ुद आप की तौहीन है हुस्न वालों को ज़रा मग़रूर होना चाहिए — Abbas Qamar
ग़ुरूर-ए-लुत्फ़-ए-साक़ी नश्शा-ए-बे-बाकी-ए-मस्ताँ नम-ए-दामान-ए-इस्याँ है तरावत मौज-ए-कौसर की — Mirza Ghalib
हुस्न पर ग़ुरूर होना लाज़मी तो है मगर हुस्न ढलता भी है और ग़ुरूर टूटता भी है — Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
तेरा मग़रूर हो जाना मुझे खलता नहीं लेकिन तेरी आँखों से मुझ को और कुछ मालूम होता है — Sakshi Saraswat
बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ — Rahat Indori
जिस को बड़ा ग़ुरूर था अपने वजूद पर वो आफ़ताब शाम की चौखट पे मर गया — Shahid Sagri
कि उस मग़रूर चंदा की ख़ुशामद से तो अच्छा है मैं घर की खिड़कियों को आप की तस्वीर से ढक लूँ — Nityanand Vajpayee

ग़ुरूर गर्व की एक जटिल भावना को दर्शाता है जो ऊँचाई पर ले जा सकती है या अलगाव में डाल सकती है। कविता में, यह अक्सर मानव अहंकार की द्वैत प्रकृति को दर्शाता है - शक्ति का स्रोत और संबंध में बाधा।

कवि 'ग़ुरूर' का उपयोग आत्म-मूल्य और अलगाव के बीच के तनाव को दर्शाने के लिए करते हैं। इसका उपयोग उन पात्रों के पतन को चित्रित करने के लिए किया जाता है जो अपने गर्व में डूबे होते हैं।

ग़ुरूर आत्मा के गर्व का दर्पण है, जो इसके प्रकाश और छाया दोनों को दर्शाता है।