Meaning of

ग़ैरियत

ghairiyat • غیرت

गौरव; सम्मान; प्रतिष्ठा

pride; honor; dignity

فخر; عزت; وقار

Arabic

अपनी ग़ैरत के लिए फ़ाक़ा-कशी भी मंज़ूर तेरी शर्तों पे ख़ज़ाना भी नहीं चाहते हम — Haseeb Soz
यारों मैं ही हूँ वो बेग़ैरत शख़्स "हाफ़ी" ने जिस पर लानत भेजी है — Sohaib Alvi
अपने लिए तो इश्क़ भी ग़ैरत की चीज़ थी हम लोग वो थे जिन को पढ़ाया ग़लत गया — Aqib khan
ऐ शहर-ए-जान-ए-जाँ ऐ शहर-ए-हमदम अगर ज़िन्दा रहे फिर आएँगे हम — Shajar Abbas
ग़ैरत मुझे ख़ुद पे की मैं मज़े में हूँ रंज उसे इस का की मैं ख़ुश ही नहीं — Aryan Goswami
ग़ैरतों के मसअले थे ख़्वाब हम पर हँस रहे थे — Lekhak Suyash
"बीते लम्हें" जो थे हर लम्हे में सिर्फ़ मेरे उन सेे अब साझा हम जज़्बात नहीं करते जो कुछ वक़्त बात न होने पर नाराज़ हुआ करते थे हाँ यार उन सेे अब हम बात नहीं करते जिन की ज़ुल्फ़ों में थी हर छाँव मेरी वो अब इस बेग़ैरत धूप में भी बरसात नहीं करते जिन के लबों से हम इश्क़ पढ़ा करते थे अब ग़म हो या ख़ुशी हम मुलाक़ात नहीं करते याद आए मुझे उन के सात जन्मों के कुछ वादे कमबख़्त इस जन्म में भी वादों के साथ नहीं चलते जिन्होंने सिखाया था मुझे चलने का हुनर वो अब गिर जाने पर भी आगे हाथ नहीं करते हर्फ़-ए-इश्क़ सीखा हम ने जिन दिलो से वो दिल भी अब दिल का काम नहीं करते आँसू भी अब सूखे से आते है हुज़ूर ये आँसू भी ठीक से ख़ैरात नहीं करते — Hashim Khan

'ग़ैरियत' अपने मूल अर्थ में व्यक्तिगत और सामुदायिक सम्मान की गहरी भावना को व्यक्त करता है। यह एक सुरक्षात्मक गर्व है जो अपनी प्रतिष्ठा और मूल्यों की रक्षा करता है। कविता में, यह शब्द अक्सर अपनी पहचान और विश्वासों की रक्षा की भावनात्मक तीव्रता को समेटे हुए होता है।

'ग़ैरियत' का उपयोग कवि सम्मान और अखंडता के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अक्सर व्यक्तिगत गर्व और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच के तनाव को दर्शाने वाली पंक्तियों में प्रकट होता है। यह शब्द विपरीत परिस्थितियों में प्रतिष्ठा बनाए रखने के संघर्ष को भी उजागर कर सकता है।

'ग़ैरियत' एक गहरे अर्थ वाला शब्द है, जो सम्मान और मानव आत्मा की दृढ़ता के सार को पकड़ता है। यह प्रतिष्ठा की स्थायी शक्ति का प्रमाण है।