Meaning of

गुरबत

gurbat • غربت

गरीबी; निर्धनता

poverty; destitution

غربت; افلاس

Arabic

सच की डगर पे जब भी रक्खे क़दम किसी ने पहले तो देखी ग़ुर्बत फिर तख़्त-ओ-ताज देखा — Amaan Pathan
भले हों ख़ून के रिश्ते या दुनिया के फ़रिश्ते हों ग़म-ए-ग़ुर्बत के मारों को सहारा कौन देता है — Ajeetendra Aazi Tamaam
ग़ुर्बत की ठंडी छाँव में याद आई उस की धूप क़द्र-ए-वतन हुई हमें तर्क-ए-वतन के बा'द — Kaifi Azmi
इंसाँ के ज़मीरों को जला देती है ग़ुर्बत कुछ बात है दर उस का अँधेरे में खुला है — Navneet krishna
किसी को शौक़ यूँँ होता नहीं ग़ुरबत में जीने का यक़ीनन सामने उस के बड़ी दुश्वारियाँ होंगी — SALIM RAZA REWA
दुआ अम्मी की है मेरी ये ग़ुर्बत भूल जाओगे ख़ुदा इतना नवाज़ेगा मुसीबत भूल जाओगे — Arman Habib

'गुरबत' आर्थिक कठिनाई और सामाजिक बहिष्कार का भारी बोझ लेकर चलता है। कविता में, यह अक्सर जीवन के संघर्षों, हाशिए पर पड़े लोगों की मौन पुकार और विपरीत परिस्थितियों में पाए जाने वाले धैर्य को दर्शाता है।

'गुरबत' का उपयोग कवि सामाजिक मुद्दों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह गरीबों की दुनिया को देखने का एक दृष्टिकोण है। अक्सर आशा या निराशा के विषयों के साथ विपरीत रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

'गुरबत', अपनी काव्यात्मक सार में, मौन संघर्षों और मानवता की अडिग भावना का प्रतिबिंब है।