नतीजा फिर वही होगा सुना है साल बदलेगापरिंदे फिर वही होंगे शिकारी जाल बदलेगावही हाकिम वही ग़ुर्बत वही क़ातिल वही ग़ासिबबताओ कितने सालों में हमारा हाल बदलेगा— Unknown