Meaning of

गुलशन

gulshan • گلشن

बाग; स्वर्ग

garden; paradise

باغ; جنت

Persian

एक तितली से वा'दा है सो गुलशन में, ग़लती से भी ख़ार नहीं देखूँगा मैं (ख़ार- काँटे ) — Darpan
गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले चले भी आओ कि गुलशन का कारोबार चले — Faiz Ahmad Faiz
कमी कमी सी थी कुछ रंग-ओ-बू-ए-गुलशन में लब-ए-बहार से निकली हुई दुआ तुम हो — Ali Sardar Jafri
चमन में रखते हैं काँटे भी इक मक़ाम ऐ दोस्त फ़क़त गुलों से ही गुलशन की आबरू तो नहीं — Ummeed Fazli
गुलशन से कोई फूल मुयस्सर न जब हुआ तितली ने राखी बाँध दी काँटे की नोक पर — Unknown
इक गुल के मुरझाने पर क्या गुलशन में कोहराम मचा इक चेहरा कुम्हला जाने से कितने दिल नाशाद हुए — Faiz Ahmad Faiz
गुल कि गुलशन को सुना है तुम चुराना चाहते हो आज फिर मुझ को गले से तुम लगाना चाहते हो — ATUL SINGH
कोई उम्मीद मत सज़ा गुलशन तिरी ख़ुश्बू का वास्ता है तुझे — Gulshan
हम को इस की क्या ख़बर गुलशन का गुलशन जल गया हम तो अपना सिर्फ़ अपना आशियाँ देखा किए — Hasan Najmi Sikandarpuri

'गुलशन' शब्द हरे-भरे बागों और स्वर्गीय दृश्यों की छवियाँ प्रस्तुत करता है। कविता में, यह अक्सर सुंदरता और शांति की एक आदर्शीकृत जगह का प्रतिनिधित्व करता है, जो दुनिया की अराजकता से एक शरण है।

कवि 'गुलशन' का उपयोग एक आदर्श दुनिया को चित्रित करने या खोए हुए स्वर्ग की लालसा व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह हृदय का भी प्रतीक हो सकता है, जहाँ भावनाएँ फूलों की तरह खिलती हैं।

कविता में, 'गुलशन' हृदय की गहरी इच्छाओं और सुंदरता की शाश्वत खोज का प्रतीक बन जाता है।